मंगलवार, 18 अगस्त 2009

श्री हनुमान गायत्री



हनुमान मंदिर : कठुआ पुल सागर

हनुमान गायत्री के दो प्रचलित स्वरूप :


ऊँ अंजनाय विद्ध्महे महबलाय धिमहि तन्नो हनुमत प्रचोदयात !


ऊँ आंजनेयाय विद्ध्महे वायुपुत्राय धीमहे तन्नो हनुमत प्रचोदयात !

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